अंक 30दैनिक जीवन3 मिनटपठन 65
प्रकाशक · जीके पुस्तकालय · परिशिष्ट
जेब से निकाली तो ईयरफ़ोन की तार फिर उलझी हुई है
रखी तो बड़े सलीके से थी, लेकिन जेब से निकालते समय हर बार तार उलझी मिलती है।
जेब से निकाली गई ईयरफ़ोन की तार इसलिए उलझी नहीं होती कि किसी ने उसमें गाँठ बाँध दी हो। चलते समय हिलती हुई तार कई परतों में एक-दूसरे के ऊपर आ जाती है, और उसका सिरा उन परतों के बीच से अंदर-बाहर होता रहता है, जिससे गाँठ बन जाती है। ऐसा हमारी सोच से भी कम समय में हो सकता है।
डिब्बे में डोरी डालकर किया गया प्रयोग
2007 में अमेरिका के कैलिफ़ोर्निया विश्वविद्यालय, सैन डिएगो के शोधकर्ताओं ने डोरी को डिब्बे में डालकर उसे गोल-गोल घुमाने का प्रयोग 3,400 से ज़्यादा बार किया। डिब्बे को सिर्फ़ 10 सेकंड घुमाने पर भी अक्सर काफ़ी जटिल गाँठें बन गईं, और गाँठों के आकार भी सौ से ज़्यादा तरह के थे। कुछ गाँठें इतनी जटिल थीं कि उन्हें हाथ से जानबूझकर बाँधना भी मुश्किल होता।
शोधकर्ताओं ने इसके पीछे यह प्रक्रिया देखी। डिब्बे के अंदर जब डोरी गोल लिपट जाती है और उसके कई हिस्से अगल-बगल आ जाते हैं, तो डोरी का सिरा उन हिस्सों के ऊपर-नीचे बेतरतीब ढंग से आता-जाता है। ऐसा बार-बार होने पर हाथ से बाँधी हुई जैसी गाँठ बन जाती है।
क्या छोटी तार ज़्यादा उलझती है?
यह एक आम ग़लतफ़हमी है कि तार जितनी छोटी हो, उतनी आसानी से उलझती है। प्रयोग में 46 सेंटीमीटर से छोटी डोरियों में एक बार भी गाँठ नहीं बनी, और 1.5 मीटर तक लंबाई बढ़ने के साथ गाँठ बनने की संभावना तेज़ी से बढ़ी। उससे ज़्यादा लंबाई होने पर यह संभावना लगभग 50% पर ठहर गई।
डोरी जितनी मुलायम थी, उतनी आसानी से उलझी, जबकि कड़ी डोरी कम उलझी। लगभग 1 मीटर लंबी ईयरफ़ोन की तार पतली और मुलायम होती है, इसलिए वह आसानी से उलझने की शर्तों पर बिल्कुल खरी उतरती है। ऐसा इसलिए नहीं कि तार को उलझना पसंद है, बल्कि इसलिए कि वह जितनी लंबी और मुलायम होगी, उसके सिरे के ऊपर-नीचे आने-जाने के लिए उतने ही ज़्यादा हिस्से होंगे।
निकालते समय आपका हाथ भी गाँठ कस सकता है
जेब में बनी उलझनें शुरू में अक्सर ढीले फंदों जैसी होती हैं। लेकिन अगर आप सिर्फ़ एक सिरा पकड़कर ज़ोर से खींचते हैं, तो फंदे एक-दूसरे को खींचते हुए कसकर पक्की गाँठ बन जाते हैं।
सुलझाते समय खींचने के बजाय उलझे हुए हिस्से को हथेली पर रखकर फंदे चौड़े करते हुए सिरा बाहर निकालना ज़्यादा तेज़ तरीका है। सिरा जिस रास्ते से गुज़रा था, उसे उलटी दिशा में वापस ले जाने से ज़्यादातर उलझनें खुल जाती हैं। उलझी हुई तार को बार-बार खींचने से उसके भीतर के बारीक तार एक ही जगह पर मुड़कर टूट भी सकते हैं।
ऐसे रखें कि कम उलझे
गाँठ तभी बनती है जब तार का सिरा उसके हिस्सों के बीच से अंदर-बाहर होता है। इसलिए दोनों सिरों को एक साथ क्लिप में दबाकर रखने, या तार को उँगलियों पर कुछ बार ढीला लपेटकर उसके सिरे को फंदों के बीच खोंस देने से उलझने की गुंजाइश कम हो जाती है।
छोटे केस में रखना भी मददगार है। प्रयोग में भी जब छोटे डिब्बे में डोरी दीवारों के बीच फँसकर कम लुढ़कती थी, तो उसमें कम गाँठें बनती थीं। मुख्य बात यह है कि जेब में तार के मनचाहे ढंग से लुढ़कने की जगह कम कर दी जाए।
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हिलने-डुलने के दौरान ईयरफ़ोन की तार का सिरा उसके हिस्सों के बीच से अंदर-बाहर होता है, जिससे वह उलझ जाती है। छोटी तार के मुक़ाबले लगभग 1 मीटर लंबी मुलायम तार ज़्यादा आसानी से उलझती है।
टिप्पणियाँ और संदर्भ · रेमर और स्मिथ 2007, PNAS. इस प्रयोग में डोरी को डिब्बे में डालकर घुमाया गया और उसकी लंबाई, कड़ेपन और समय के अनुसार गाँठ बनने की संभावना मापी गई। जेब के अंदर की परिस्थितियाँ डिब्बे से अलग होती हैं, इसलिए ये आँकड़े केवल संदर्भ के लिए हैं।
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