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अंक 184स्वास्थ्य3 मिनटपठन 93

प्रकाशक · जीके पुस्तकालय · परिशिष्ट

क्या नाखूनों पर सफेद धब्बे कैल्शियम की कमी से होते हैं?

इन्हें अक्सर कैल्शियम की कमी का संकेत माना जाता है, लेकिन ज़्यादातर धब्बे कुछ हफ़्ते पहले नाखून की जड़ पर लगी हल्की चोट के निशान होते हैं

नीले-धूसर रंगों वाली क्लोज़-अप तस्वीर, जिसमें नाखून पर एक छोटा सफेद धब्बा दिखाई दे रहा है

नाखूनों पर दिखने वाले छोटे सफेद धब्बों का ज़्यादातर मामलों में कैल्शियम की कमी से कोई संबंध नहीं होता। त्वचा रोग संबंधी शोधों के अनुसार, इन धब्बों की सबसे आम वजह नाखून की जड़ के पास लगी हल्की चोट होती है।

सफेद धब्बे कहाँ बनते हैं

नाखून क्यूटिकल के भीतर, उसकी जड़ में बनता है, जो आसानी से दिखाई नहीं देती। यहाँ नाखून की नई कोशिकाएँ सख्त होती हैं और आगे की ओर निकलती जाती हैं।

जड़ का यह हिस्सा दब जाए या किसी चीज़ से टकरा जाए, तो उस समय बनी कुछ कोशिकाएँ ठीक से सख्त नहीं हो पातीं। इस हिस्से से रोशनी एकसमान ढंग से नहीं गुज़र पाती, इसलिए यह सफेद दिखाई देता है और नाखून बढ़ने के साथ धब्बे की तरह आगे आता जाता है। चिकित्सा की भाषा में इसे बिंदुवत ल्यूकोनाइकिया कहते हैं।

चोट लगने की बात याद क्यों नहीं रहती

नाखून धीरे-धीरे बढ़ते हैं, इसलिए जड़ पर चोट लगने के बाद सफेद धब्बा दिखाई देने में कुछ हफ़्ते लग जाते हैं। इसीलिए दरवाज़े की दरार में उँगली दबने या मेज़ से नाखून हल्का-सा टकराने की बात तब तक भूल चुके होते हैं और बस धब्बा नज़र आता है।

नाखून चबाने की आदत, नाखून सँवारते समय ज़ोर से धकेलना और छोटे जूते पहनना भी इसकी वजह हो सकते हैं। पैरों के नाखूनों की तुलना में हाथों के नाखूनों पर और बड़ों की तुलना में बच्चों में ये ज़्यादा दिखाई देते हैं। इसका कारण भी शायद यही है कि उनके हाथ ज़्यादा बार चीज़ों से टकराते हैं।

कैल्शियम की कमी वाली गलतफ़हमी

अक्सर सुनने को मिलता है कि सफेद धब्बे दिखना कैल्शियम या ज़िंक की कमी का संकेत है। लेकिन 2022 में अंतरराष्ट्रीय शोध पत्रिका American Journal of Clinical Dermatology में प्रकाशित ल्यूकोनाइकिया की एक समीक्षा ने निष्कर्ष दिया कि बिंदुओं जैसे सफेद धब्बों का नाखून में कैल्शियम या आयरन की मात्रा से कोई संबंध नहीं है।

यूरोप में त्वचा रोगियों के लिए दी जाने वाली जानकारी में भी बताया गया है कि सफेद धब्बों वाले लोगों की जाँच करने पर उनमें कैल्शियम या ज़िंक की कमी नहीं पाई गई। हालाँकि, कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि किसी खास पोषक तत्व की कमी से संबंध को पूरी तरह खारिज करने के लिए पर्याप्त शोध नहीं हुए हैं।

धब्बे कब गायब होते हैं और कब जाँच करानी चाहिए

चोट से बने धब्बों को अलग से इलाज की ज़रूरत नहीं होती; वे नाखून के साथ बढ़कर बाहर आ जाते हैं। अमेरिका के Cleveland Clinic के अनुसार, हाथों के नाखूनों में लगभग 6 से 9 महीने और पैरों के नाखूनों में लगभग 12 से 18 महीने बाद ये इतने आगे आ जाते हैं कि इन्हें काटकर हटाया जा सके।

अगर कुछ धब्बे बनते हैं और फिर गायब हो जाते हैं, तो यह आम बात है। लेकिन अगर पूरा नाखून सफेद हो जाए, या कई नाखूनों पर लगातार धब्बे बनते रहें और साथ में खाँचे या दरारें भी दिखें, तो इसकी वजह त्वचा का कोई रोग या शरीर की कोई दूसरी स्थिति हो सकती है। ऐसे में डॉक्टर को दिखाना बेहतर है।

नाखूनों के छोटे सफेद धब्बे ज़्यादातर कुछ हफ़्ते पहले नाखून की जड़ पर लगी चोट के निशान होते हैं और नाखून बढ़ने पर अपने आप गायब हो जाते हैं।

टिप्पणियाँ और संदर्भ · Am J Clin Dermatol, “What Can White Nails Tell Us?” (2022). समीक्षा का निष्कर्ष है कि बिंदुवत ल्यूकोनाइकिया आम तौर पर चोट के कारण होता है और इसका कैल्शियम या आयरन से संबंध नहीं है। धब्बों के बढ़कर बाहर आने में लगने वाला समय Cleveland Clinic की जानकारी पर आधारित है। कुछ विशेषज्ञों के अनुसार, पोषक तत्वों की कमी से इसके संबंध पर शोध कम हैं।

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छोटी प्रश्नोत्तरी

नाखूनों पर बनने वाले छोटे सफेद धब्बों की सबसे आम वजह क्या है?

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