अंक 148दैनिक जीवन4 मिनटपठन 108
प्रकाशक · जीके पुस्तकालय · परिशिष्ट
प्याज़ काटने पर आँसू क्यों आते हैं?
इसकी वजह दुख नहीं, गैस है। चाकू से प्याज़ की कोशिकाएँ टूटते ही आँखों में चुभन पैदा करने वाला पदार्थ बनता है।
प्याज़ काटते समय आँखों में जलन होती है और लगातार आँसू बहने लगते हैं। ऐसा नहीं है कि आँसू लाने वाला पदार्थ प्याज़ में पहले से उसी रूप में मौजूद होता है। चाकू से कोशिकाएँ टूटते ही प्याज़ के भीतर के पदार्थ आपस में मिलते हैं और आँखों में जलन पैदा करने वाली एक नई गैस बनती है। यह गैस हवा के साथ ऊपर उठकर आँखों तक पहुँचती है।
काटने पर ही बनने वाली गैस
साबुत प्याज़ को सिर्फ़ हाथ में पकड़ने से आँखों में दर्द नहीं होता। इसकी वजह यह है कि प्याज़ की कोशिकाओं में गंधक वाले पदार्थ और उनमें बदलाव लाने वाले पदार्थ अलग-अलग खानों में रहते हैं। चाकू से कोशिका की दीवार टूटने पर दोनों मिल जाते हैं, पलक झपकते ही कई चरणों वाली अभिक्रिया होती है और अंत में आसानी से ऊपर उड़ने वाली गैस बनती है।
यह गैस आँखों तक पहुँचती है तो आँखों की सतह की नसों को चुभन महसूस होती है और शरीर आँसू बहाकर उसे धोने की कोशिश करता है। प्याज़ काटने के लगभग 30 सेकंड बाद चुभन सबसे तेज़ होती है और कुछ देर बाद कम हो जाती है। इसकी वजह भी यही है कि हर बार काटने पर नई गैस बनती है और फिर बिखर जाती है। 2002 में Nature पत्रिका में एक शोध प्रकाशित हुआ था, जिसमें बताया गया कि इस अंतिम चरण को पूरा करने वाला एक अलग पदार्थ होता है।
मुँह में ब्रेड रखना और मोमबत्ती जलाना कितना कारगर है?
कहा जाता है कि मुँह में ब्रेड का टुकड़ा रखने या पास में मोमबत्ती जलाने से आँसू नहीं आते। लेकिन गैस मुँह में नहीं, आँखों में पहुँचती है, इसलिए मुँह में ब्रेड रखने से वह रुक नहीं पाती। मोमबत्ती गैस को जलाकर ख़त्म कर देती है, इस दावे के पक्ष में भी ठोस प्रमाण नहीं हैं। अधिक संभावना यही है कि उससे बस हवा में थोड़ी हलचल होती है।
कॉन्टैक्ट लेंस पहनने वाले कुछ लोगों को लग सकता है कि उनके आँसू कम निकलते हैं। आँखों की सतह का कुछ हिस्सा ढक जाने से गैस के संपर्क में आने वाला क्षेत्र कम हो जाता है। तैराकी के चश्मे पहनकर गैस को निश्चित रूप से रोका जा सकता है, लेकिन रसोई में उन्हें पहनना थोड़ा झंझट भरा है।
प्याज़ ठंडा रखें, चाकू तेज़ रखें
वास्तव में मदद करने वाले तरीके वे हैं जिनसे गैस कम बने और कम ऊपर उठे। प्याज़ को लगभग 30 मिनट फ़्रिज में रखकर काटें तो अभिक्रिया भी धीमी हो जाती है और गैस भी कम फैलती है। तेज़ धार वाले चाकू से काटने पर कोशिकाएँ कम कुचलती हैं, इसलिए आपस में मिलने वाले पदार्थों की मात्रा घट जाती है।
जड़ वाले हिस्से में ये पदार्थ अधिक जमा होते हैं, इसलिए उसे अंत में काटना अच्छा रहता है। निकास पंखा चलाना या हवा का बहाव खिड़की की ओर रखना भी असरदार है, क्योंकि इससे गैस चेहरे से दूर चली जाती है। कटे हुए प्याज़ को तुरंत ठंडे पानी में डालने से उसका तीखापन भी थोड़ा कम हो जाता है, लेकिन ज़्यादा देर तक रखने पर उसकी मिठास और सुगंध भी साथ में निकल जाती हैं।
प्याज़ काटने पर बनने वाली नई गैस आँखों में जलन पैदा करती है, जिससे आँसू आते हैं। प्याज़ को ठंडा रखकर तेज़ धार वाले चाकू से काटने पर यह परेशानी काफ़ी कम हो जाती है।
टिप्पणियाँ और संदर्भ · इमाई और अन्य, Nature खंड 419 (2002), प्याज़ के आँसू लाने वाले पदार्थ पर शोध. यह शोध बताता है कि प्याज़ की आँसू लाने वाली गैस काटने के बाद एंज़ाइम की अभिक्रिया से बनती है। ब्रेड और मोमबत्ती जैसे घरेलू तरीकों का असर जाँचने वाले शोध लगभग नहीं हैं।
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